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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 51
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

कर्मजं बुद्धियुक्ता हि फलं त्यक्त्वा मनीषिणः ।

जन्मबन्ध विनिर्मुक्ताः पदं गच्छन्त्यनामयम् ॥51॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

💬 व्याख्या हिन्दी

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