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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 40
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

नेहाभिक्रमनाशोऽस्ति प्रत्यवायो न विद्यते ।

स्वल्पमप्यस्य धर्मस्य त्रायते महतो भयात् ॥40॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

💬 व्याख्या हिन्दी

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