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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 17
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम्।

विनाशमव्ययस्यास्य न कश्चित्कर्तुमहेति।।17।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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