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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 20
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूय:।

अजो नित्य: शाश्वतोऽयं पुराणोन हन्यते हन्यमाने शरीरे।।20।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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