भाषा चुनें:

अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 53
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

श्रुतिविप्रतिपन्ना ते यदा स्थास्यति निश्चला ।

समाधावचला बुद्धिस्तदा योगमवाप्स्यसि ॥53॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

💬 व्याख्या हिन्दी

Gita Prerna Logo
Go Back Top