भाषा चुनें:

अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 48
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनञ्जय ।

सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते ॥48॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

💬 व्याख्या हिन्दी

Gita Prerna Logo
Go Back Top