भाषा चुनें:

अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 28
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

अव्यक्तादीनि भूतानि व्यक्तमध्यानि भारत।

अव्यक्तनिधान्येव तत्र का परिदेवना।।28।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


Gita Prerna Logo
Go Back Top