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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 9
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

कार्यमित्येव यत्कर्म नियतं क्रियतेऽर्जुन ।

संगं त्यक्त्वा फलं चैव स त्यागः सात्त्विको मतः ॥9॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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