भाषा चुनें:

अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 38
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

विषयेन्द्रिय संयोगाद्यत्तदग्रेऽमृतोपमम्।

परिणामे विषमिव तत्सुखं राजसं स्मृतम्।।38।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


Gita Prerna Logo
Go Back Top