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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 72
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

कच्चिदेतच्छ्रुतं पार्थ त्वयैकाग्रेण चेतसा।

कच्चिदज्ञान सम्मोहः प्रनष्टस्ते धनंजय।।72।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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