भाषा चुनें:

अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 41
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

ब्राह्मणक्षत्रियविशां शूद्राणां च परंतप।

कर्माणि प्रविभक्तानि स्वभाव प्रभवैर्गुणैः।।41।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


Gita Prerna Logo
Go Back Top