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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 55
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

भक्त्या मामभिजानाति यावान्यश्चासि तत्त्वतः।

ततो मां तत्त्वतो ज्ञात्वा विशते तदनन्तरम्।।55।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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