भाषा चुनें:

अध्याय 3 — कर्म योग

श्लोक 24
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

उत्सीदेयुरिमे लोका न कुर्यां कर्म चेदहम् ।

संकरस्य च कर्ता स्यामुपहन्यामिमा: प्रजा: ॥24॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


Gita Prerna Logo
Go Back Top