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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 5
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

उद्धरेदात्मनाऽत्मान नात्मानमवसादयत् ।

आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः ॥5॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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