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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 28
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

गुंजन्नेवं सदात्मानं योगी विगतकल्मषः ।

सुखेन ब्रह्मसंस्पर्शमत्यन्तं सुखमश्नुते ।। 28 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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