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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 4
🕉 मूल संस्कृत श्लोक


यदा हि नेन्द्रियार्थेषु न कर्मस्वनुषज्जते ।

सर्वसंकल्पसंन्यासीयोगारूढस्तदोच्यते ।॥ 4 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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