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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 42
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

अथवा योगिनामेव कुले भवति धीमताम्।

एतद्धि दुर्लभतरं लोके जन्म यदीदृशम् ।। 42 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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