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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 12
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तत्रकाग्र मनः कृत्वा यताचत्तान्द्रयाक्रयः ।

उपविश्यासने युंज्याद्योगमात्मविशुद्धये ॥ 12 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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