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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 17
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।

युक्तस्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा ।। 17 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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