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अध्याय 13 — क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग

श्लोक 3
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तत्क्षेत्रं यच्च यादृक्च यद्विकारि यतश्च यत्।

सच यो यत्प्रभावश्च तत्समासेन मे शृणु ॥3 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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