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अध्याय 9 — राजविद्या राजगुह्य योग

श्लोक 21
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तेतं भुक्त्वा स्वर्गलोकं विशालं क्षीणेपुण्येमर्त्यलोकं विशन्ति ।

एवं त्रयीधर्ममनुप्रपन्ना गतागतं कामकामा लभन्ते ॥ 21 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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