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अध्याय 9 — राजविद्या राजगुह्य योग

श्लोक 26
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति ।

तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मनः ॥26॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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