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अध्याय 9 — राजविद्या राजगुह्य योग

श्लोक 10
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

मयाध्यक्षेण प्रकृतिः सूयते सचराचरम् ।

हेतुनानेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते ।॥ 10 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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