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अध्याय 9 — राजविद्या राजगुह्य योग

श्लोक 2
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम् ।

प्रत्यक्षावगमं धर्म्य सुसुखं कर्तुमव्ययम् ॥ 2 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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