भाषा चुनें:

अध्याय 8 — अक्षर ब्रह्म योग

श्लोक 7
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युध्य च।

मय्यर्पित मनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्य संशयम् ॥ 7 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


Gita Prerna Logo
Go Back Top