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अध्याय 8 — अक्षर ब्रह्म योग

श्लोक 6
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यं यं वापि स्मरन्भावं त्यजत्यन्ते कलेवरम् ।

तं तमेवैति कौन्तेय सदा तद्भावभावितः ॥6॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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