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अध्याय 8 — अक्षर ब्रह्म योग

श्लोक 3
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

अक्षरं ब्रह्म परमं स्वभावोऽध्यात्ममुच्यते ।

भूतभावोद्भवकरो विसर्गः कर्मसंज्ञितः ॥3 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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