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अध्याय 8 — अक्षर ब्रह्म योग

श्लोक 23
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यत्र काले त्वनावृत्तिमावृत्तिं चैव योगिनः ।

प्रयाता यान्ति तं कालं वक्ष्यामि भरतर्षभ ।। 23 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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