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अध्याय 8 — अक्षर ब्रह्म योग

श्लोक 26
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

शुक्लकृष्णे गती ह्येते जगतः शाश्वते मते ।

एकया यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते पुनः ॥26॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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