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अध्याय 15 — पुरुषोत्तम योग

श्लोक 1
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

ऊर्ध्वमूलमधः शाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम् ।

छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित् ॥ 1 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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