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अध्याय 15 — पुरुषोत्तम योग

श्लोक 8
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

शरीरं यदवाप्नोति यच्चाप्युत्क्रामतीश्वरः

गृहीत्वैतानि संयाति वायुर्गन्धानिवाशयात् ॥४॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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