भाषा चुनें:
Chapter 1 Verse 27-28

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 27-28
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तान् समीक्ष्य स कौन्तेयः सर्वान्बन्धुनवस्थितान् ।

कृपया परयाविष्टो विषीदन्निदमब्रवीत् ।


॥ अर्जुन उवाच ॥

दृष्ट्वेमं स्वजनं कृष्ण युयुत्सुं समुपस्थितम् ॥28॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

💬 व्याख्या हिन्दी

🎬 वीडियो प्रवचन
Gita Prerna Logo
Go Back Top