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Chapter 1 Verse 15-16

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 15-16
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

पांचजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनञ्जयः ।

पौण्ड्रं दध्मौ महाशङ्खं भीमकर्मा वृकोदरः ॥15॥


अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः ।

नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ ॥16॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

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