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Chapter 1 Verse 26

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 26
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तत्रापश्यत्स्थितान् पार्थः पितृ़नथ पितामहान् ।

आचार्यान्मातुलान्भ्रातृ़न्पुत्रान्पौत्रान्सखींस्तथा ॥26॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

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