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अध्याय 16 — दैवासुरसंपद विभाग योग

श्लोक 23
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यः शास्त्रविधिमुत्सृज्य वर्तते कामकारतः ।

न स सिद्धिमवाप्नोति न सुखं न परां गतिम् ॥23॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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