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अध्याय 14 — गुणत्रय विभाग योग

श्लोक 26
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

मां च योऽव्यभिचारेण भक्तियोगेन सेवते ।

स गुणान्समतीत्यैतान्ब्रह्मभूयाय कल्पते ।। 26 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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