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अध्याय 12 — भक्ति योग

श्लोक 16
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

अनपेक्षः शुचिर्दक्ष उदासीनो गतव्यथः ।

सर्वारम्भ परित्यागी यो मद्भक्तः स मे प्रियः ।। 16 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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